पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचा प्रशासन, मुस्याखांद चौपाल में जनसमस्याओं के समाधान को दिए निर्देश

सुदूरवर्ती मुस्याखांद तक पहुंचीं जिलाधिकारी, ग्रामीणों की मांगों पर मौके पर लिए निर्णय

मुस्याखांद चौपाल में विकास पर सीधा संवाद, जिलाधिकारी के पहुंचने से उत्साहित दिखे ग्रामीण

पौड़ी- पहाड़ के दुर्गम और सुदूरवर्ती क्षेत्र मुस्याखांद में बुधवार को आयोजित जन चौपाल प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद का प्रभावी मंच बनी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह और नई उम्मीद का माहौल दिखाई दिया। राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखांद में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं, विकास संबंधी आवश्यकताओं एवं जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को खुलकर रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए कई महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक पहल सुनिश्चित की।

चौपाल में ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र में स्टेडियम की मांग रखी गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल बीडीओ तथा युवा कल्याण अधिकारी को समन्वय कर स्टेडियम के लिए आगणन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

चौपाल में क्षेत्रीय संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए धुमाकोट-पीपली मोटर मार्ग को जिला योजना में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा मार्ग से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। ज़िलाधिकारी ने खाल्यूंडांडा-ढंगलगांव मोटर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने तथा खाल्यूंडांडा से तोल्यूंडांडा तक सड़क सुधार संबंधी प्रस्तावों पर शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। वहीं खाल्यूंडांडा क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग को तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने तथा अगले ही दिन पिंजरा लगाने के निर्देश दिए गए।

पेयजल आपूर्ति की शिकायत पर जिलाधिकारी ने पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ढंगलगांव में जिला योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल टैंक को 10 जुलाई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सुखरो क्षेत्र तथा थेवाड़ा-चेवाड़ा पंपिंग योजना से जुड़े गांवों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का स्थलीय परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। इस दौरान जल निगम द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत टंडोली पंपिंग योजना पर कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। चौपाल में प्राप्त प्रस्तावों पर कार्रवाई करते हुए थेवाड़ा में घेरबाड़ निर्माण को जिला योजना में शामिल करने तथा दण्डधार ग्रामसभा में अमृत सरोवर एवं घेरबाड़ निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

चौपाल में एएनएम केंद्र के बंद रहने की शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी ने मुस्याखांद स्थित एएनएम केंद्र का निरीक्षण किया तथा केंद्र के नियमित संचालन, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चौपाल में धुमाकोट स्वास्थ्य उपकेंद्र में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए भी निरीक्षण उपरांत आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए देहरादून से संचालित बस सेवा के समय में आवश्यक सुधार तथा मुस्याखांद तक बस सेवा विस्तार के संबंध में परिवहन विभाग एवं आरटीओ से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

चौपाल में ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गैस एजेंसी से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में उप कार्यालय की व्यवस्था कर शिकायतों का निस्तारण करने को कहा गया। साथ ही उन्होंने भौंन क्षेत्र में निष्प्रयोज्य भवनों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई तथा सुखरो क्षेत्र में विद्यालय मार्ग के समीप स्थित शराब की दुकान के संबंध में स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

चौपाल में ईडियाकोट तल्ला में पटवारी चौकी स्थापना के प्रस्ताव पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चौकियों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तुरंत दिया जाय, जिससे अक्रिय जल्दी आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन निर्माण से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

एंबुलेंस सुविधा को लेकर उठी शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि धुमाकोट से एंबुलेंस पहुंचने में समय लगने के कारण भौंन क्षेत्र में एंबुलेंस तैनाती की आवश्यकता है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय एंबुलेंस तैनात करने के लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

चौपाल के उपरांत जिलाधिकारी ने प्रेरणा स्वयं सहायता समूह का निरीक्षण कर महिला समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, विपणन एवं आयवर्धन के लिए विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। इसके बाद जिलाधिकारी ने पीपली गांव स्थित सेब नर्सरी का निरीक्षण कर बागवानी गतिविधियों का जायजा लिया तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान एवं आजीविका आधारित योजनाओं को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान विमला देवी, डीडीओ मनविंदर कौर, डीएसटीओ राम सलोने, उपजिलाधिकारी श्रेष्ठ गुनसोला, खंड विकास अधिकारी प्रमोद चंद्र पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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